हाइकु मञ्जूषा (समसामयिक हाइकु संचयनिका)

卐 ~•~ 卐 ~•~ 卐 ~•~ 卐 ~•~ हाइकु मञ्जूषा (समसामयिक हाइकु संचयनिका) संचालक : प्रदीप कुमार दाश "दीपक" ~•~ 卐 ~•~ 卐 ~•~ 卐 ~•~ 卐
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शनिवार, 18 जनवरी 2020

हाइकुकार मनीष कुमार श्रीवास्तव जी के हाइकु

हाइकुकार

मनीष कुमार श्रीवास्तव 


हाइकु
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(1)
आँगन मध्य
मंडप सुसज्जित
मंगल गीत ।
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(2)
कला रंगोली
आँगन की सहेली
हँसी ठिठोली ।
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(3)
आँगन बीच
तुलसी का विरवा
हवा पुरवा ।
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(4)
घी का दीपक
तुलसी चौरा पर
आँगन इत्र ।
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(5)
आँगन मध्य
माँ ने बिखेरा दाना
चिड़िया खाना ।
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(6)
आभा कुन्दन
आँगन में छिटकी
प्राची में सूर्य ।
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(7)
रेडियो चर्चा
सहेलियों के संग
आँगन गांव ।
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□ मनीष कुमार श्रीवास्तव

रविवार, 25 अगस्त 2019

हाइकुकार मनीष कुमार श्रीवास्तव जी के हाइकु


हाइकुकार

मनीष कुमार श्रीवास्तव 

हाइकु


झूले पे गोरी
अधरों पे कजरी
भूली-बिसरी ।

सावन झूले
रिमझिम फुहार
कभी न भूले ।

चौराहों पर
फेंक रहीं गुड़िया
बहन बेटी ।

होती गुड़िया
महकती गुझियां
पान का बीड़ा ।

मिट्टी के रंग
अखाड़ों की रौनक
दंगल कुश्ती ।

प्रसन्न पृथ्वी
मघा का आगमन
अमृत जल ।

हवा के झोंकें
घने काले बादल
डरते लोग ।

अँधेरी रात
कड़कती बिजली
सहमे लोग ।

तेज बारिश
बादलों की साजिश
जल प्रलय ।
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□  मनीष कुमार श्रीवास्तव
रायबरेली (उत्तरप्रदेश)

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