हाइकु शतदल पर आपके प्रतिभाव...
हाइकु शतदल
बहुत प्रसन्नता की बात है कि प्रसिद्ध हाइकुकार श्री प्रदीप कुमार दाश 'दीपक'. जी द्वारा सम्पादित विश्व का प्रथम विशद हिन्दी हाइकु ग्रंथ प्रकाशित होकर शीघ्र ही रचनाकारों तक पहुँचने वाला है । भाई दीपक जी को और ग्रंथ में सम्मिलित सभी हाइकुकारों को बहुत बहुत बधाई ।
~ डॉ. मिथिलेश दीक्षित
*हाइकु-शतदल* साहित्य के वैश्विक क्षितिज पर एक स्वर्णाक्षरी अंक आज हम सब के समक्ष है। एक ही ग्रंथ में102 हाइकुकारों के 100-100 हाइकु अर्थात 10,000 से भी अधिक हाइकु हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि। है। जिसकी भूमिका स्वनाम धन्य डॉ.मिथिलेश दीक्षित जी ने लिखी है जो हाइकु ,ताका, सदोका ,हाइबुन जैसी जापानी विधाओं में पारंगत हैं । इस शतदल में मेरी भी एक आहुति है ।
~ डॉ. नीना छिब्बर
हाइकु शतदल--शत शत पाँखुरियों का संगम।
हर पाँखुरी का अपना अंदाज़, अपनी सुंदरता।
महका महका हाइकु संकलन।
संपादक- प्रसिद्ध हाइकुकार प्रदीपकुमार दाशजी की अपूर्व अभिनव कृति।एक कीर्तिमान।
सहस्त्रशः शुभकामनाएं अभिनंदन।
कुछ हाइकु- दल मेरे भी ।
~ इंदिरा किसलय
"हाइकु शतदल" आपकी कीर्ति को बढ़ाने वाला एक और मील का पत्थर बधाई ।
~ बद्रीप्रसाद पुरोहित
'हाइकु शतदल’ साझा संकलन का प्रकाशित
किया जाना प्रिय प्रदीप कुमार दाश दीपक जी
के हाइकु-समर्पण की ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रस्तुत ग्रन्थ को हाइकु के इतिहास में निश्चित
रूप से उल्लेखनीय स्थान उपलब्ध होगा!
~ मन्त्र मुदित
आपकी लेखनी को नमन भाई प्रदीप जी, माँ शारदे कृपा बनाए रखें.. आपकी सभी पुस्तके अद्भुत हैं... इस साझा संकलन में शामिल सभी विद्वान हाइकुकारों को हार्दिक बधाई ..
~ हेमन्त शर्मा
हिंदी हाइकु की एक समृद्ध साहित्यिक यात्रा --
"हाइकु शतदल" , हार्दिक स्वागत, साधुवाद !
~ अजय चरणम्
हाइकु शतदल की पुस्तक मिल गई है। प्रथम दृष्टया जबरदस्त और ऐतिहासिक लग रही है।
हार्दिक आभार आपका।
~ डाॅ. प्रदीप कुमार शर्मा
आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार आदरणीय प्रदीप जी । आज मुझे 'हाइकु शतदल' पुस्तक की अपनी प्रति मिल गई है । बहुत ही सुंदर एवं संग्रहणीय पुस्तक है ।मुझे गर्व है कि अब यह मेरे निजी पुस्तकालय की सबसे अनमोल एवं उत्कृष्ट धरोहर है । एक बार पुनः आपका धन्यवाद ।
~ साधना वैद
बधाइयां प्रदीप जी ! आपकी हाइकु-निष्ठा सराहनीय है ।
~ कमलेश भट्ट 'कमल'
पुस्तक मिली
ये हाइकु शतदल
करूँ आभार ।
प्रदीप जी,आपके संपादन में इस ऐतिहासिक संकलन में शामिल होना मेरे लिए गर्व और गौरव की बात है। इसके संपादन के लिए बहुत बहुत बधाई। इसमें शामिल होने का अवसर प्रदान करने के लिए आपका अंतर्मन से आभार आदरणीय प्रदीप कुमार दाश “दीपक” जी। सादर प्रणाम ।
~ डाॅ. भारती वर्मा बौड़ाई
भारत ही नहीं पूरे विश्व का ऐतिहासिक हाइकु संकलन का साझेदार बनने पर मैं गौरवान्वित हूँ । संपादक महोदय प्रदीप कुमार दाश 'दीपक' को बधाई ।
~ प्रवीण सिंह बी. सिन्दल
देखा सपना
हाइकु शतदल
सफल हुआ
आदरणीय प्रदीप कुमार दाश *दीपक* जी ने अपने अनवरत प्रयास से हाइकु शतदल के स्वप्न को साकार किया । पुस्तक प्राप्त हुई । मुझे भी इसमें शामिल करने के लिए दिल से बहुत बहुत धन्यवाद व आभार !
~ राजेन्द्र सिंह राठौड, सिरोही
आदरणीय प्रदीप कुमार दाश “दीपक” जी ने अपने अथक प्रयासों और समर्पण से “हाइकु शतदल” के सुंदर स्वप्न को साकार रूप दिया है। पुस्तक प्राप्त हुई, देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। इस साहित्यिक यात्रा में मुझे भी सहभागी बनाने के लिए हृदय से आपका बहुत-बहुत धन्यवाद एवं हार्दिक आभार।
~ पुष्पा सिंघी, कटक
हाइकु मुख्य रूप से जापानी कविता है। हाइकु में अनेक विचार धाराएं मिलती है, इन सब विचार धाराओं की हाइकु शतदल में विशेष रूप से सबके विचारों की झांकी का दर्शन होगा। वैसे तो हाइकु संकलन हिंदी में कई एक प्रकाशित हो चुके हैं, परन्तु इतना बड़ा ग्रंथ प्रदीप दाश जी के द्वारा सम्पादित होकर हम सभी के हाथों में आया है। बड़े सौभाग्य की बात है कि हम जैसे छोटे हाइकुकारों का बड़े हाइकुकारों के साथ प्रदीप जी ने सम्मिलित करके हम सबको गौरवान्वित किया है। उन्हें बहुत बहुत आशीर्वाद एवं बधाई ---
जापानी काव्य
लघु काव्य शैली में
गहरा अर्थ
बिना तुकबंदी का
है छंद काव्य
छोटी सी रचनाएं
बड़े संदेश
सत्रह शब्द
तीन ही पंक्तियों में
हाइकुकार
मन के समुद्र में
शब्दों के भाव
गोता लगाते फिरें
सोच विचार
भावों को व्यक्त कर
हर शब्द को
माला में पिरोकर
संक्षिप्तता से
कापी पर बिखेर
काव्य सजाते
गिनती नहीं होती
आधे वर्ण की
हाइकु मुख्य रूप
प्रकृति पर
जीवन के क्षण से
जुड़ करके
अहसास कराएं
कम शब्दों में
गागर में सागर
ये भर देते
हाइकु शतदल
इसका है प्रमाण।।
~ सुनीता दीक्षित श्यामा
प्रिय प्रदीप जी, आपके द्वारा संपादित 'हाइकु शतदल 'पुस्तक प्राप्त हुई, आज मैं बहुत उत्साहित हूँ ।
किसी वजह से मेरा हाइकु लेखन बहुत कम हो गया था ।अब पुनः प्रयास करूँगी । आपको इस महान कार्य के लिये हार्दिक बधाई
हम सब के लिये बहुत गर्व की बात है ।
प्रणाम ...
~ प्रतिमा प्रधान
प्रदीप कुमार दास' दीपक' द्वारा संपादित विश्व की सबसे वृहद हाइकुकृति 'हाइकु शतदल'प्राप्त हुई । कुल 630 पृष्ठों की इस कृति में कुल 102हाइकुकार सम्मिलित हैं।सभी के सौ-सौ हाइकुओं को इस वृहद संकलन में स्थान मिला है।एक हाइकुकार को छ: पृष्ठ आबंटित किए गये हैं।मेरे भी सौ हाइकु इसमें सम्मिलित हैं। प्रदीप जी को इस श्रमसाध्य कार्य के लिए बहुत-बहुत बधाई।इसकी भूमिका लिखने का दायित्व वरिष्ठ साहित्यकारा एवं हाइकु-मर्मज्ञ आदरणीया डा.मिथिलेश दीक्षित जी ने बखूबी निभाया है ।
~ कैलाश बाजपेयी



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