हाइकु कवयित्री
पूर्णिमा साह
हाइकु
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1.
व्यक्तित्व ओज
विचारों में झलका
गुण महका ।
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2.
घर,आँगन
संस्कारों की झलक
द्वार चमका ।
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3.
नैन झलका
मन की निर्मलता
आभा चेहरा ।
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4.
रजनी संग
चाँदनी की चमक
मनमोहक ।
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5.
सुंदर मन
असली है सौंदर्य
मुखड़ा कांति ।
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6.
पूर्णिमा रात
चाँदनी की चमक
नयन दंग ।
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7.
स्वर्णिम आभा
भास्कर ने बिखेरा
नहाई धरा ।
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□ पूर्णिमा साह
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